उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद में हुई सनसनीखेज हत्या का पर्दाफाश आखिरकार पुलिस ने कर दिया, जिसके बाद आरोपी भी गिरफ्त में हैं। आखिरकार एक बार फिर जिस्मानी कनेक्शन ने ही जिंदगी-मौत का कलंकमयी पन्ना लिखा।
भदोही जनपद पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 08 मई को सेमराध गंगा नदी के किनारे थाना कोईरौना में एक 45 वर्षीय परवल व्यवसायी कन्हैया मल्लाह उर्फ बाबा की निर्दयता पूर्वक गला काटकर हत्या कर दी गई थी, जिसके सम्बन्ध में थाना कोईरौना में मुअस 33/2020 धारा 302भादवि अज्ञात अभियुक्त के विरूद्ध मृतक के गाँव के ही विनोद कन्नौजिया द्वारा पंजीकृत कराया गया था। घटना स्थल का पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह द्वारा प्रातः ही निरीक्षण किया गया व मौके पर ही अपर पुलिस अधीक्षक के पर्वेक्षण में व क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर कालू सिंह के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक कोईरौना व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम बनाकर तत्काल घटना का अनावरण व अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त क्रम में इलेक्ट्रानिक विश्लेषण व पतारसी सुरागरसी से घटना में शामिल 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने पूछताछ पर हत्या में शामिल होना स्वीकार करते हुए पूरी घटना का विवरण बताया।
पूछताछ का विवरण – पूछने पर अभियुक्त बीरेन्द्र यादव उर्फ बीरन ने बताया कि एक मजदूर महिला से मेरे अवैध सम्बन्ध थे। कन्हैया मल्लाह बार–बार उसी महिला को अपने पास गलत नियत से परवल तोड़ने के बहाने बुलाता था। जिसके बारे में महिला ने मुझे बताया था। दिनांक 07/08 मई की रात्रि को भी मृतक ने फोन करके महिला को अपने पास बुला रहा था कि मेरे व महिला द्वारा सुनयोजित तरीके से उसी रात मैं कन्हैया मल्लाह के पास गुस्से में कुल्हाड़ी लेकर गया तो कन्हैया सो रहा था, तभी मैने पीछे से कुल्हाड़ी से कई बार प्रहार किया और मै वहाँ से सीधे महिला के घर आया व उसे बताया कि मैने कन्हैया का काम तमाम कर दिया। उसके बाद मैं किसी को शक न हो, इसलिए पोस्टमार्टम हाऊस भी गया तथा मृतक के शव के साथ उसके गाँव गौसपुर तक गया। वहाँ पहुँचकर मैं उसके अन्तिम क्रियाक्रम में भाग न लेकर अपने गाँव चला गया। महिला से यहाँ की जानकारी लेता रहा। महिला ने बताया कि यहाँ किसी को व पुलिस को हमलोगो पर शक नही है। इस पर मै पुनः सामान्य रूप से परवल की खेती करने चला आया था कि पकड़ा गया।
गिरफ्तारी व बरामदगी – सेमराध नाथ मन्दिर के दक्षिण तरफ दुकान के पास से 11 मई को अभियुक्त बीरेन्द्र यादव उर्फ बीरन पुत्र स्व. काली चरण यादव (निवासी ग्राम जहूराबाद थाना बड़ेसर जनपद गाजीपुर) व प्रमिला देवी पत्नी स्व. राधेश्याम गौतम (निवासी पूरवा थाना गोपीगंज) को गिरफ्तार किया, जिनके निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रक्त रंजीत कुल्हाड़ी के दोनों अभियुक्तों के मोबाइल फोन बरामद किया गया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम- क्राइम ब्रांच टीम से प्रभारी अजय सिंह, का. सचिन झाँ, का. सर्वेश राय ,का. नरेन्द्र सिंह, का. तुफैल अहमद व, का.सुनील कन्नौजिया, का. नीरज यादव, हे.का. चालक सुभाष सिंह व थाना कोईरौना पुलिस टीम से निरीक्षक संजय राय, उ.नि. आद्या प्रसाद, का. हैदर अली सिद्दीक, का. अन्तिम पाण्डेय, म.का. अंजली यादव थाना कोईरौना की अहम् भूमिका रही, पुलिस अधीक्षक द्वारा मुकदमा अनावरण करने वाली टीम को 10 हजार के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गयी है।




शातिर अपराधी यह नहीं जानते थे कि सच्चाई को कभी दबाया नहीं जा सकता , और झुठ का कोई किनारा नहीं होता.