उत्तर प्रदेश में भदोही के माथे पर ‘कुकर्म कथा’ थोपने वाले भदोही विधायक के भतीजे संदीप इश्कबाजी में मुसीबत गले पड़ते देख ही इस घटनाक्रम के दौरान 2018 में ही मुंबई की पुलिस से भयभीत होकर भदोही भाग गये थे। जहां शातिराना अंदाज में इश्कबाजी में कयामत बनी महिला के खिलाफ चक्रव्यूह भी रचा था। यहां से ही दोनों पक्षों में आंख मिचौली का खेल शुरू था। इसी दौरान विधायक परिवार में पहुंचकर तथाकथित महिला ने शांदी का झांसा देने का खुलासा किया था। (ऐसा पीड़िता ने भी प्रार्थना पत्र में लिखा है) इतना ही नहीं शादी से मुकरने के बाद से आपसी तनातनी काफी बढ़ी गई थी। बिना किसी पुख्ता प्रमाण के पीड़िता को बदनाम या मौन करने के लिये खबरें भी कुछ करीबी पत्रकारों को गुमराह पूर्ण जानकारी देकर छपवाई गई थी। फिलहाल भदोही पुलिस पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर बयान दर्ज करके साक्ष्य जुटाने में जुटी है।
गौरतलब है कि वहां भदोही में मामले की जांच कर रहे एएसपी रवींद्र वर्मा साक्ष्य जुटाने में टीम के साथ जुटे हैं। भदोही व वाराणसी के तथाकथित होटलों के ‘रजिस्टर’ व ‘काॅल रिकार्डिंग’ के साथ तस्वीरों सहित कई बिंदुओं पर भदोही पुलिस साक्ष्य की जांच-परख कर रही है। मामला जहां महिला से जुड़ा है, वहीं सत्तादल विधायक व परिवार से जुड़ा होने के कारण पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। महिलाओं के यौन शोषण व मानसिक उत्पीड़न के मामलों में जहां सरकार और न्यायालय गंभीर है, वहीं बताया जा रहा है कि मामले को हर स्तर पर आंतरिक प्रयास से दोनों पक्षों के करीबियों द्वारा मध्यस्थता करके कई बार सलटाने का दौर चलता रहा हैं। मुंबई में पीड़िता के भाई व परिवार पर हमेशा रसूखदारी का दबाव पिछले वर्ष से ही निरंतर बनाया जाता रहा है। कई बार प्रयास के बाद भी नोट की हरियाली से मामला नहीं सलटा था क्योंकि वायरल हुई काॅल रिकार्डिंग व पीड़िता द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र से लग रहा है कि शायद यह ‘प्रेमकथा’ थी और ‘इश्क’ में ‘शादी का सपना’ मिला था, जो ‘टूटने के बाद’ एक ‘विधवा महिला’ पर मानो ‘पहले पति की मौत के बाद’ जैसे ‘दूसरी बार पहाड़ सा टूट गया हो।’
मुंबई में डील फेल, भदोही में शातिराना खेल..मुंबई में पीड़िता परिवार के करीबी ने अनौपचारिक के रूप से बताया कि संदीप व उनके करीबियों ने पीड़िता के भाई व परिवार पर दबाव बनाकर पुरानी तर्ज पर लालच दिया। किंतु पीड़िता के अडिग रवैये से संभव ना हो सका। अब अचानक विधायक परिवार द्वारा संदीप को भदोही बुला लिया गया और जो वहां पर 2018 के करामात से रचित चक्रव्यूह के दस्तावेज खंगालकर जांच को गुमराह करने तैयारी में जुट गया है।
एक राष्ट्रीय अखबार व न्यूज पोर्टल ने भी प्रकाशित किया है कि “संदीप त्रिपाठी ने वर्ष 2018 में सुरियावां थाने में एनसीआर दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि पीड़िता हर समय मुंबई में फ्लैट दिलाने आदि की मांग करती रहती है। फ्लैट नहीं दिलाने पर दुष्कर्म के आरोप में फंसाने की धमकी देती है। एक नवंबर 2018 को वह उसके घर चौगुना पहुंचकर जबरदस्ती वसूली और मारपीट करने लगी थी। मामले में पुलिस ने एनसीआर दर्ज की थी। इसी मामले को लेकर संदीप ने कोर्ट में भी 155(2) के तहत वाद भी दाखिल कर रखा है।”
प्रतिक्रिया – इस मामले में ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क टीम द्वारा जहां विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी की प्रतिक्रिया निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है, वहीं मुख्य आरोपित संदीप को भी वर्तमान भदोही घटना क्रम बताकर औपचारिक प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई थी लेकिन बौखलाहट या अन्य शातिराना कारणों से उन्होंने उक्त महिला से किसी भी प्रकार के संबंध न होना बताकर व्यस्तता दर्शा दी।
यह भी पढ़िये 👉कुकर्म कथा (03) – भदोही विधायक बोले बहन-बेटियों के न्याय की खातिर, सपरिवार फंदे के तख्त तक हूँ तैयार




