कर्नाटक से मंगवाये कमल पुष्प, विधायक कर रहे ‘देवी माँ’ का सहस्रर्चन, प्रतिदिन ७ हजार पुष्पों का अर्पण…

उत्तर प्रदेश की दिव्य पुर्वांचली भूमि पर काशी-प्रयाग मध्य अंतर्गत भदोही जनपद में महायज्ञ सिद्धि प्राप्त हैट्रिकपार विधायक विजय मिश्रा ‘देवी माँ’ की पुजा-अर्चना में विगत् वर्षों की तरह २५ जनवरी से लीन हो चुके हैं। ज्ञानपुर विधान क्षेत्र के गंगा तट समीप बसे धनापुर में सहस्त्रचंडी महायज्ञ का आयोजन जारी है। इस दौरान यजमान विधायक विजय मिश्रा ने क्षेत्रवासियों को सार्वजनिक निमंत्रण देकर महायज्ञ-अनुष्ठान में सम्मिलित होने हेतु धार्मिक पथमय आग्रह किया है।

गौरतलब है कि प्रयागराज से आये आचार्यो के द्वारा गणेश अम्बिका पूजन व गुरु पूजन सहित 33कोटि देवताओं का मंत्राधीन आह्वान करके अग्नि प्राकट्य किया गया। मंडप प्रवेश कमल पुष्प और कनैल पुष्प के द्वारा सहस्त्रार्चन आचार्य पंडित वेद प्रकाश शास्त्री के द्वारा किया जा रहा हैं और इनके साथ 15और आचार्य महायज्ञ में मंत्रोचार कर रहे हैं। यजमान विजय मिश्रा एवं रामलली मिश्रा के द्वारा यह महायज्ञ साल में चार बार आयोजित होता हैं, जिसमें दो गुप्त एवं दो सर्दिया नवरात्र पर किया जाता हैं। एक दिन में जहां ७ हजार पुष्पों को देवी माँ के शरणागत अर्पण किया जाता हैं, वहीं देवीजी के 1000नामों को सहस्रर्चन किया जाता हैं।


क्षेत्र की खुशहाली के लिये महायज्ञ – हैट्रिकपार विधायक विजय मिश्रा ने बतौर यजमान बताया कि क्षेत्र की खुशहाली के लिए इस यज्ञ का आयोजन किया जाता हैं, जिसमे गुड़हल, कमल-कनैल समेत तमाम फूलों से माँ का सहस्रर्चन होता हैं. कमल पुष्प पर्याप्त मात्रा में न मिलने के कारण कर्नाटक से कलकत्ता और मिर्जापुर से व गुड़हल पुष्प भी काशी-वाराणसी, प्रयाग व मिर्जापुर से मंगवाये जा रहे हैं. आचार्यो के मंत्रों से वातावरण भक्तिमय हो गया हैं। २ फरवरी को पूर्णाहूति व ३ फरवरी को महाप्रसाद भंडारा आयोजित है।
परिक्रमा पुण्यलाभ – महायज्ञ के दौरान क्षेत्रवासी ही नहीं बल्कि दूर-दराज से धार्मिक पथमय लोग पहुंचकर परिक्रमा पुण्य लाभ उठा रहे हैं। इस दौरान महायज्ञ में प्रमुख सेवक के रूप में विष्णु मिश्रा, ज्योति मिश्रा, कृष्ण मोहन तिवारी, सूरज, राजू, दीपक, बुल्लारी शुक्ला, पिंटू शुक्ला आदि लोग उपस्थित रहते हैं।

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