योगीराज में ग्राम विकास के लिए लाखों-करोड़ों बजट मिल रहा है. विभिन्न गांव में सुविधा युक्त पंचायत घर, आंगनबाड़ी व इंटरलाकिंग सड़कें बनाने की मुहिम तेज है. यह कोई नई बात नहीं है बल्कि नई बात यह है कि अब मौन बैठे भ्रष्टाचारियों ने भी जुआड़ सेट करने के लिए समझौता करना शुरू दिया है. इसका प्रत्यक्ष प्रमाण ज्ञानपुर ब्लाक के कुछ गांवों में भी देखने को मिल रहा है. यहां अचानक कुछ गांवों में पितृपक्ष के दौरान लाखों रूपए की बंदरबांट चर्चा का विषय बना है।
गौरतलब है कि भदोही जनपद के अधिकांश गांव में जहां निरंतर विकास योजना चलती रही है, वहीं कई गांव ऐसे भी रहें हैं…जहां सिर्फ ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक व सफाईकर्मियों का ही मानधन जारी हो पा रहा था. गाहे-बगाहे ही किसी विकास कार्य की धनराशि मटेरियल सप्लायर को जारी की जा रही थी.
जैसे ही पिछले महीनें सिंतबर में पितृपक्ष के दौरान उक्त में से कुछ गांवों में 5 लाख से 20 लाख की विभिन्न कार्यों हेतु धननिकासी हुई, वैसे ही गांव पंचायत में भी हलचल तेज हो गई है. कहीं चट्टी-चौराहे चर्चा हो रही है, तो कहीं ‘वर्तमान प्रधान’ की करतूत मतदाताओं तक पहुंचाकर ‘पूर्व प्रधान’ व ‘भावी प्रधान’ वोट बैंक अपने खेमें में खींचने व शिकायत दर्ज करवाने के लिए गांव के जागरूक लोगों को एकजुट करने में जुट गए हैं. यही नजारा ज्ञानपुर ब्लाक के कुछ गांव में भी दिख रखा है।
पितृपक्ष में ‘लक्ष्मी वर्षा’ का खेल – इस संदर्भ में एक समाजसेवी राजेश तिवारी आकलन बताते हैं कि संभवत: ऐसा तब होता है, जब ग्राम प्रधान व सेकेट्ररी के बीच कमीशन का सामंजस्य नहीं बन पाता है और जब बन जाता है, तो विकास कार्य की एवज् पितृपक्ष में भी अचानक मनपसंद मटेरियल सप्लायर व कंस्ट्रक्शन कंपनियों के खाते में लाखों रूपए ‘लक्ष्मी वर्षा’ कर दी जाती है. यह आश्चर्यजनक व प्रशासकीय जांच का विषय है कि जो ग्राम प्रधान व सेकेट्ररी विगत् वर्षो में विकास कार्य नहीं कर पाए, वो पितृपक्ष में अचानक लक्ष्मी वर्षा कैसे कर दिए. जिन कंपनियों में लक्ष्मी वर्षा की गई है, उनके भी बिल-बाऊचर की जांच होनी चाहिए।
हैरत में पड़ गए बीडीओ साहब – इस संदर्भ में ‘सशक्त समाज न्यूज’ द्वारा बातचीत में ज्ञानपुर बीडीओ से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, इस तथ्यात्मक ‘खोजी खबर’ पर प्रतिक्रिया देने से पूर्व वो भी चौंक उठे. श्री पांडेय ने स्पष्ट कहा कि “जिस गांव में धननिकासी में इतनी बड़ी उछाल हो, वो विशेष रूप से जांच का विषय है और ऐसे गांवों की शिनाख्त शुरू की जा रही है और विधिक कार्यवाही की जाएगी।”

भाग – 02 में आगामी सोमवार पढ़िएगा, ग्राम पंचायत विकास कार्य में व पेमेंट जारी करने में…तेजी के पीछे का रहस्य…


