यूपी में भले ही अवैध बुच़डखानों के खिलाफ कार्रवाई हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त आदेश जारी कर रखा लेकिन पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद कुछ और ही बयां कर रही है. स्थानीय थानों के इंचार्ज आखिरकार कार्रवाई करने के बजाय क्यों चुप्पी साधे रहते हैं, यह कारण हर कोई जानता है. खैर..अचानक जागी भदोही जनपद पुलिस टीम ने कई स्थानों पर संयुक्त छापेमारी की. इस दौरान कुछ स्थानों पर पड़वा-भैस की बरामदगी भी हुई है…
भदोही जनपद पुलिस (सोशल मीडिया सेल) द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक थाना भदोही, कस्बा भदोही क्षेत्र अंतर्गत अवैध बुच़डखानों के संचालित होने के संबंध में प्राप्त सूचना पर विशाल सिंह (जिलाधिकारी) व डा. मीनाक्षी कात्यायन (पुलिस अधीक्षक भदोही) के संयुक्त निर्देशन में पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीमों का गठन कर सख्त वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देश दिए गए, जिस निर्देश के क्रम में दिनांक 25.08.2024 को अपरान्ह प्रभारी निरीक्षक भदोही, निरीक्षक (अपराध शाखा) भदोही व पशु चिकित्साधिकारी भदोही के नेतृत्व में गठित पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा जनपद में संचालित अवैध बुचड़खानों पर छापेमारी की गई. इस दौरान थाना भदोही, कस्बा भदोही क्षेत्र अंतर्गत संचालित 10 दुकानों से क्रूरतापूर्वक वध हेतु जानवरों का हाथ-पैर बांधकर रखे हुए कुल-06 राशि पड़वा, 01 राशि भैंस व प्रतिबंधित जानवर भैंस का मांस कुल-04 कुंतल तथा मांस बिक्री में प्रयुक्त दो अदद तराजू, विभिन्न वजन के बाट व 10 अदद अवैध चाकू बरामद किया गया है। बरामदशुदा अवैध मांस व जानवरों को कब्जे में लेकर अवैध बूचड़खाना संचालकों के विरुद्ध अंतर्गत धारा-271/272/291/292/325 बीएनएस व 11 पशु क्रूरता अधि0 व 31ए खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 व 4/25 आर्म्स एक्ट व 34 पुलिस अधिनियम की धाराओं में अभियोग पंजीकृत करते हुए अग्रतेर विधिक कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही बरामदशुदा प्रतिबंधित मांस को नियमानुसार निस्तारित किया कराया गया एवं जानवरों को आश्रय स्थलों पर रखवा कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
उठ रहे हैं सवाल, थाना प्रभारी क्यों थे मौन.? – भदोही जनपद के डीएम-एसपी द्वारा निर्देशित कार्रवाई की जहां स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ समाजसेवी वर्ग के लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि ऐसे अवैध संचालित बुच़डखानों पर स्थानीय थाना प्रभारी की चुप्पी का कारण क्या रहा है, यह भी डीएम-एसपी को जांच करवाना चाहिए और यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी अवैध बुच़डखानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आदेश का पालन नहीं करने वाले थाना प्रभारी को निलंबित करके कम से कम लाईन हाजिर करना चाहिए।



