भदोही जनपद में सियासी चकरघिन्नी जहां कानूनी दावंपेच के इर्द-गिर्द भटक रही है, वहीं पारिवारिक प्रापर्टी की हिस्सेदारी के लिए मामा-भांजे में भी नूरा कुश्ती जारी है. एक बार फिर मामा ने बड़ी स्टाईल से अपने ही भांजे को जेल तक पहुंचाने का इंतजाम कर दिया है।
मीडिया खबर के मुताबिक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय एफटीसी द्वितीय की अदालत ने मंगलवार को ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के पौत्र विकास मिश्रा उर्फ ज्योति की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी. अभियोजन के अनुसार, कौलापुर निवासी कृष्ण मोहन तिवारी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके दर्जनभर से अधिक वाहनों को ज्योति कई लोगों के साथ उठा ले गया और नंबर बदलकर उनका उपयोग किया. फिलहाल पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना कर रही है. न्याय पाने व गिरफ्तारी से बचने के लिए ज्योति ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था. न्यायाधीश आलोक यादव ने आरोप की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
जगजाहिर है कि बाहुबली विधायक विजय मिश्रा से उनके सबसे करीबी रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी (बिजनेस पार्टनर) की भी पिछले वर्ष से ही भिड़ंत चल रही है, वहीं कृष्ण मोहन पर भी बहन का हिस्सा हड़पने और भांजे ज्योति को लगातार रास्ते से हटाने के लिए कोशिश करने का चर्चामयी आरोप लगता रहा है।
http://www.sashaktsamaajnews.com/2021/02/100-true-breaking-maharashtra-police-knock-in-bhadohi-relatives-of-mla-absconding/