शिक्षकों को गुरूजी का दर्जा दिया जाता है और छात्र-छात्राओं को शिष्य-शिष्या का. फिर भी इस कलयुग में कुछ हजारीलाल वेतनधारी शिक्षक-शिक्षिकाओं की कर्मठता खोती सी जा रही है. कुछ ऐसी ही आश्चर्यजनक जांच रिपोर्ट ‘गुरू पुर्णिमा’ के दिवस भी सुर्खियां बन गई..✍️
गुरू पुर्णिमा – लापता रहे गुरूजी, वेतन पर लगी रोक, जानिए…यहां बढ़ी शिक्षकों की धड़कनें.!!


