भदोही जनपद अंतर्गत औराई क्षेत्र के एक चिकित्सक दंपति के खिलाफ शुक्रवार को एफआईआर दर्ज होने की खबर है, जिससे लापरवाही पूर्ण इलाज की चीख फिर से मौत कांड बनकर गूंज उठी है।
मिली जानकारी के मुताबिक क्षेत्र के त्रिलोकपुर में स्थित गुप्ता पाली क्लीनिक में त्रिलोकपुर निवासी राजनाथ बिन्द की पुत्री विमला देवी बीते चार जनवरी से डाॅ अंजू गुप्ता से इलाज करा रही थी. जहां वृहस्पतिवार को शाम पांच बजे विमला की हालत बिगड़ने लगी, वहीं इस दौरान चिकित्सक ने विमला को कही अन्यत्र लेकर जाने की बात कहकर छोड़ दिया और कुछ देर बाद ही विमला की मौत हो गई। परिजनों इसे चिकित्सक की लापरवाही बताते हुए चिकित्सक दंपति डाॅ जेपी गुप्ता और डाॅ अंजू गुप्ता के खिलाफ 304-ए के तहत औराई कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। बताया जा रहा कि मृतका की शादी सरई राजपुतानी के सुरेन्द्र बिन्द के साथ हुई थी और इलाज कराने के लिए मायके में थी। महिला की शादी पांच वर्ष पूर्व हुई थी। इस मामले में गुप्ता पाली क्लीनिक के चिकित्सक डाॅ दिनेश उपाध्याय और एएनएम ममता देवी ने इस आरोप को बेबुनियाद और झूठा बताया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डाॅ अंजू गुप्ता चिकित्सक नही गृहणी है। हालांकि इस मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगी कि इस मामले में दोषी कौन है। जिले में इस तरह की घटना अक्सर देखने को मिलती है। जो स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और मिलीभगत से न जाने कितने झोलाछाप डाक्टरों की चांदी है। जब कोई घटना हो जाती है तब विभाग और प्रशासन सक्रियता दिखाता है। इसलिए सावधान…भदोहीवासी सोच-समझकर किसी डाक्टर से ‘इलाज’ करवाएं ताकि कहीं इलाज ‘मौतकाल’ ना बन पाए।
‘रेफरमौत’ का यह है ‘कड़वा सच’ भदोहीवीर इस पर आखिरकार मौन क्यों.?



