‘ढ़ाई सौ’ लोग निकले थे ‘पुण्य’ कमानें, ट्रेन में ऐसे ‘फूटा’ उनका ‘पाप’…पढ़कर हैरत में पड़ जायेगें आप.!

नये साल का यह पहला ऐसा मामला है जो सर्वाधिक सुर्खियों में है कि करीबन ढ़ाई सौ लोग मंदिर दर्शन करके पुण्य कमाने निकले थे लेकिन ट्रेन में ही पाप का घड़ा फूट गया। मंदिर दर्शन करने जा रहे 228 लोगो को सीनियर सिटीजन के कोटे से यात्रा करना महंगा पड़ा। सभी यात्रियों को करीबन 5 लाख रुपए का दंड भुगतान चुकाना पड़ा।

गौरतलब है कि 31 दिसंबर को सिकन्द्राबाद राजकोट एक्सप्रेस सिकन्द्राबाद से रवाना हुई थी। तभी रेलवे की विजिलेंस टीम को पता चला कि एक साथ 228 टिकिट एक ही दिन में बुक किया गया है। सभी टिकट सिकन्द्राबाद से अहमदाबाद तक बुक हैं। हिमांशु कपाड़िया और तुषार गरुड़, मुख्य सतर्कता निरीक्षक की टीम ने अचानक ट्रेन में जांच शुरू कर दिया। उनकी टीम वसई रोड से सिकन्द्राबाद राजकोट एक्सप्रेस के चार एसी और चार नॉन एसी बोगी में दाखिल हुई। हिमांशु कपाड़िया ने बताया कि ‘कुछ दिन पहले ही पता चला था कि एक साथ 228 टिकिट सीनियर सिटीजन के कोटे से बुक कराया गया है, तभी हमे शक हुआ लेकिन जब तक पैसेंजर्स की चेकिंग नही होती, तब तक कोई भी एक्शन नही लिया जा सकता। इसीलिए हम पूरी टीम के साथ तैयार थे और साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी को ट्रेन में चेकिंग अभियान शुरू किया। 8 बोगी में जो कि सीनियर सिटीजन के कोटे से टिकट बुक करवाया गया लेकिन एक भी सीनियर सिटीजन जांच टीम को दिखे नही।’

पाप का घड़ा फूटा – सुबह 7 बजे जब सभी यात्री नींद से उठे तो उनके लिए बुरी खबर थी। सूत्रों के अनुसार सभी यात्री पालीताना में मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। उनके सामने खड़े थे विजिलेंस ऑफिसर…विजिलेंस टीम ने एक-एक करके सभी यात्रियों की चेकिंग शुरू कर दिया लेकिन कोई भी सीनियर सिटीजन नही था। हिमांशु कपाड़िया ने बताया कि 228 यात्रियों का फर्जी नाम से टिकिट बुकिंग किया गया था और उनके साथ 28 लेबर थे, जिनका भी टिकट नही था। सभी को कुल मिलाकर 501080 रुपए का जुर्माना किया गया।

टिकट एजेंट राडार पर – भले ही यात्रियों को फाइन के आधार पर छोड़ दिया गया हैं लेकिन इस मामले के मुख्य आरोपी एजेंट की तलाश विजिलेंस टीम कर रही है। यात्रियों के बयान के आधार पर सभी टिकट निकालने वाला सख्स एक एजेंट हैं, जिसके जरिए यात्रियों ने बुक करवाया था। हालांकि विजिलेंस टीम ने अभी तक मुख्य आरोपी का पहचान बताने से इंकार किया। जांच टीम का कहना है अभी आरोपी का तलाश जारी है। और इस मामले की उच्च स्तरीय जांच चल रही है। जांच टीम यह भी पता करने में लगी हैं कि यह एजेंट अब तक कितना ऐसे सीनियर सिटीजन के कोटे का फायदा उठाकर रेलवे को नुकसान पहुंचाया है।

कोटे का दुरुपयोग – यात्री गलत आयु बताकर वरिष्‍ठ नागरिक आरक्षण के तहत टिकट बुक करते हैं। पकड़े जाने पर वे पूरे किराए और रियायती किराए के बीच का अंतर शुल्‍क भरते हैं और न पकड़े जाने पर वे ऐसे ही यात्रा करते हैं, जिसके कारण रेलवे को राजस्‍व की हानि झेलनी पड़ती है।

  • वरिष्‍ठ नागरिक कोटे के अंतर्गत कुछ यात्री कन्‍फर्म नीचे की बर्थ बुक कर लेते हैं और पकड़े जाने पर वे केवल किराए का अंतर भरकर अनाधिकृत रूप से वरिष्‍ठ नागरिकों की ‘रियायत/आरक्षण’ का लाभ उठा लेते हैं।
  • कुछ एजेंट यात्रियों को धोखा देने के लिए इस विधि का उपयोग करते हैं। वे गलत आयु बताकर टिकट बुक करते हैं और उसके बाद सही आयु बताकर ई-टिकट में सुधार करवा लेते हैं।

वर्तमान नीति – रेल यात्रा रियायत की वर्तमान नीति के अनुसार 60 वर्ष और उसके ऊपर की आयु के वरिष्‍ठ पुरूष नागरिकों और 58 वर्ष और उसके ऊपर के आयु की वरिष्‍ठ महिला नागरिकों के लिए मेल/एक्‍सप्रेस/राजस्‍थानी/शताब्‍दी आदि रेल गाड़ियों की सभी श्रेणियों में क्रमश: 40 प्रतिशत और 50 प्रतिशत रियायत दी जाती है। टिकट खरीदते समय आयु के प्रमाण की आवश्‍यकता नहीं है, हालांकि यात्रा के दौरान वरिष्‍ठ नागरिकों को सरकारी एजेंसी द्वारा जारी किए गए निर्धारित कागजात सबूत के रूप में अपने पास रखना जरूरी है, जिनमें उनकी आयु या जन्‍म तिथि के बारे में जानकारी हो। यात्रा के दौरान अगर वरिष्‍ठ नागरिक आयु से संबंधित आवश्‍यक सबूत नहीं दे पाता है तो उससे किराए में अंतर (पूरे किराए और रियायती किराए के बीच का अंतर) का शुल्‍क लिया जाता है।

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