भदोही जनपद पुलिस की कमान जब से एसपी राम बदन सिंह ने संभाला है, तब से उनके मार्गदर्शन में कई रहस्मयी मामलों की गुत्थी सुलझाने में पुलिसिया टीम को कामयाबी हाथ लगी है। ऐसे में आदर्श कोतवाली गोपीगंज के गुलौरी गांव की घटना २७ दिनों से कैसे रहस्मयी बनी है, यह क्षेत्रिय चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिरकार १४ वर्षीय दीपक यादव साईकिल बनवाने निकला तो अचानक कहां गायब हो गया।

गौरतलब है कि भदोही जनपद के हाईवे थानों में शुमार गोपीगंज कोतवाली पर सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहती है। विभिन्न कार्यवाही में सबसे तेज कदम उठाकर खुलासा करने वाली इस कोतवाली को यूं ही आदर्श कोतवाली नहीं कहा जाता है। एक वर्ष पूर्व तक सर्वाधिक पशु तस्करी व मादक पदार्थ (गांजा) की गाड़ी सहित खेप पकड़ने में यह कोतवाली सुर्खियों में रही है। इतना ही नहीं आपराधिक मामलों की गुत्थियां सुलझाने में भी विशेष रिकार्ड आदर्श कोतवाली गोपीगंज के नाम रहा है। यह पिछले वर्षों की बाते हैं क्योंकि अब यहां शांति ही शांति है। अपराधियों व अवैध कारोबारियों तक स्थानीय कोतवाल का नेटवर्क नहीं पहुंच रहा है या सारे अवैध कार्य बंद हो गये यह विचारणीय है। फिलहाल हम चर्चा कर रहे हैं एक रहस्मयी गुत्थी की जो २७ दिनों से नहीं सुलझ पाई है। घर से जेवरात व पैसे की चोरी का भी मामला है, जिसमें दीपक को बरगलानें या अपहरण का भी आरोप पड़ोसी युवाओं पर लग रहा है। खैर..मामले को पुलिस द्वारा एफआईआर व भदोही एसपी को दिये गये पत्र में स्पष्ट पढ़ा जा सकता है।

गोपीगंज कोतवाली का चक्कर काटकर पीड़ित परिवार जहां अपने बेटे दीपक के साथ कुछ अनहोनी घटना को लेकर आशंकित है तो वहीं पुलिस की भूमिका पर भी हैरत जता रहा है। पीड़ित परिवार की मानें तो दीपक के मोबाइल में कई राज छिपा है और उसने लापता होने के बाद अपनी माँ को काल करके हाल समाचार लिया और अचानक बोला कि रखता हूं नहीं तो ऐ लोग मुझे मार देगें। इस मामले में ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क ने आदर्श कोतवाली गोपीगंज के कोतवाल कृष्णा नंद राय से बातचीत किया तो उन्होंने बताया कि बच्चे की तलाश तकनीकी स्तर सार्थक रूप से जारी है। घटना से जुड़े कुछ क्लू निकाले जा रहे हैं।



