मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, उत्तर मुंबई लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद और राहुल गाँधी की गुड-बुक में दर्ज संजय निरुपम का दर्द समझने के लिए इतना ही काफी है कि ऐन लोकसभा चुनाव के बीच उनको मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटवाने में सफल रही मंडली ने उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट पर उनकी जीत की संभावनाओं को लगभग ख़त्म कर दिया था। बहरहाल फिर भी किसी न किसी तरह राजनीतिक सक्रियता बनाये रखने में वे अब भी सफल रहे हैं।
उर्मिला मातोंडकर की चिट्ठी भी उनका कुछ बिगाड़ नहीं पाई थी। विधानसभा चुनाव में वर्सोवा सीट पर वे अपने एक बिल्डर मित्र को टिकट दिलाना चाहते थे। एड़ी-चोटी का जोर लगाने पर भी बलदेव खोसा को उम्मीदवारी मिली। अपुष्ट खबर है कि खोसा की उम्मीदवारी जाहिर होते ही उस बिल्डर के समर्थकों ने निरुपम की गाड़ी पर पत्थर बरसाए। हालाँकि उनके करीबी ऐसी किसी घटना से इंकार करते हैं। अब खबर है कि प्रेस कांफ्रेंस कर वे पार्टी में अपनी असहज स्थिति पर नाराजगी जता चुके हैं। लगता है चुनाव के बीच ही कुछ बड़ा धमाका हो सकता है।


