सेना में भर्ती होने का जबरदस्त उत्साह काशी-बनारस के दूर-दराज गांवों से भी आ रहा है। खबर के मुताबिक रणबांकुरे स्टेडियम में १ नवंबर से सेना में भर्ती रैली शुरू हो जाएगी। सबसे पहले युवकों को तय समय में दौड़ पूरी करनी होती है। उसके बाद वह अगले श्रेणी में जाता है। दौड़ में शामिल होने के लिए युवाओं ने पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। मंगलवार तक इसकी संख्या 60 हजार को छू रही थी, वहीं अब १ लाख तक पहुंच रही है। भर्ती निदेशक कर्नल आरएस ठाकुर का कहना है कि भारतीय फौज का हिस्सा बनना गौरव की बात होती है। इसके लिए पहले युवाओं को अपनी जैविक घड़ी को ठीक करना होगा। अभी ये युवा सुबह या शाम को दौड़ लगाने का अभ्यास करते होंगे। ऐसे में भर्ती के समय दौड़ का समय कुछ और ही इनको मिलेगा। आज के सैनिक की परिभाषा बदल चुकी है। पराक्रम के साथ बौद्धिक क्षमता की जरूरत होती है। हमारा प्रयास होता है सर्वश्रेष्ठ युवा ही भारतीय सेना का हिस्सा बने।



