राजनैतिक व धार्मिक आयोजनों के कारण यहां उल्हासनगर के गोल मैदान की स्थिति काफी दयनीय हो चली है। बड़े बड़े खड्डे करने से इस खेल मैदान की दुर्दशा मनपा प्रभाग समिती देख रहा है लेकिन कुर्सी पर बैठे जिम्मेदार लोगों को इसकी फिक्र नहीं है। बता दें उल्हासनगर – 2 के प्रभाग समिती 1 कार्यालय के सामने गोल मैदान है, शहर में गिने चुने ही मैदान अब खेलने लायक बचे है। गोल मैदान एक मात्र ऐसा मैदान बचा है, जहां धार्मिक और राजनैतिक कार्यक्रम किया जाता है। इसी कारणवश खिलाड़ियों को बहुत ही कम मौका खेलने का मिलता है। 9 सप्टेंबर 2019 को केंद्रीय सामाजिक न्यायमंत्री रामदास आठवले की उपस्थिति में यहाँ रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया का एक कार्यक्रम रिपाई शहर अध्यक्ष भगवान भालेराव द्वारा किया गया था। इस दौरान जहां खड़ी व पत्थर डालने से मैदान का अस्तित्व नष्ट हो गया, वही एक बार फिर एक धार्मिक कार्यक्रम को लेकर फिर से मैदान में डेब्रिज और मिट्टी डाला जा रहा है। इन धार्मिक व राजकीय कार्यक्रम के चलते आसपास के परिसर में बड़े पैमाने पर ध्वनीप्रदूषण होता है, जिस कारण कई आयोजको पर पुलिस द्वारा मामले भी दाखिल किए जा चुके है।
दुर्दशा एक नजर में…
गोल मैदान भाड़े किराए पर देते समय कई नियम बनाये गए हैं, जिसमें खड्डे नही करने, ध्वनिप्रदूषण, कचरा नही करना इत्यादि का समावेश है। इसका उल्लंघन करने पर आयोजक से दंड वसूल किया जाय. यह प्रस्ताव 2002 मनपा के सर्वसाधारण सभा में मंजूर किया गया था. फिर भी आज तक इन नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी आयोजक पर कोई कार्यवाही नही की गई। (सरिता खानचंदानी – हिराली फाउंडेशन )
भगवान भालेराव ( रिपाई शहराध्यक्ष उल्हासनगर ) कहते हैं कि “हमारे कार्यक्रम के पहले इस मैदान में भारी बरसात के कारण कीचड़ व खड्डों के कारण जगह-जगह पानी जमा था। इसलिए खानापूर्ति करते हुए कार्यक्रम को देखते हुए भराव किया गया था. अब मैं मेरे नगरसेवक निधी से 10 लाख रुपये खर्च करके मैदान में लाल मिट्टी व भराव करने वाला हूँ, जिससे मैदान अच्छा बन जायेगा।
आखिरकार इस जनसमस्या को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा था..?
सुधाकर देशमुख (मनपा आयुक्त) कहते हैं कि “इस विषय पर में मैनें मालमत्ता विभाग और सार्वजनिक बांधकाम विभाग को जांच का आदेश किया है। नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कार्यवाही को जाएगी।
“जनसमस्या – सुझाव – समाधान“…सुरेश चौहान के साथ…✍️
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