ग्रामवासियों की विभिन्न समस्याओं को सुनने वाले ग्राम परधान ही यदि भूमिगत हो जायें तो सार्वजनिक विकास कार्य ठप्प होना लाजिमी है। शायद आपको मजाक लगे लेकिन यूपी के एक गांव का यही हाल है। यहां के ग्राम परधान को दूर-दराज बसे परदेशी अब लापता घोषित कर रहे हैं।
गौरतलब है भदोही जनपद के ज्ञानपुर तहसील अंतर्गत हाईटेक गांव अकोढ़ा सार्वजनिक विकास कार्यों से सदैव सुर्खियों में रहा है। विगत् कई महीनों से अचानक सन्नाटा पसरा है। ‘मातृभूमि संकल्प’ के माध्यम से स्थानीय सार्वजनिक धार्मिक स्थलों के जिर्णोद्धार का नेतृत्व करने वाले सुरेंद्र पाठक (गुड्डू) से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि ”हमारे ग्राम प्रधान विनोद जायसवाल उर्फ बबलू लापता हैं और उन्हें तलाशने के लिए गांव जाना पड़ेगा। उन्होंने ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क को बताया कि विगत् कई महीनों से गांव-समाज के व्हाट्सअप समूहों में सुचना निरंतर भेजी जा रही है लेकिन उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पा रही है। ग्राम परधान के सार्वजनिक नंबर ९९३५३१८५८४ पर संपर्क करने की विगत् १ वर्ष से कोशिश की जा रही है। जहां वो पहले कभी-कभार इस नंबर पर बातचीत करके सार्वजनिक धार्मिक स्थल की समस्याओं को सुन लेते थे लेकिन विगत् 1 वर्ष से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उन्हें लापता घोषित करना हमारी मजबूरी है और कुछ दिनों में जरूरत पड़ी तो पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी दर्ज करवाकर सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी तलाश की जायेगी क्योंकि अब तो उक्त सार्वजनिक नंबर भी बंद है।”
ग्राम मंथन By – विपुल पांडेय..✒️



क्या करे प्रधान जो दुसरे के भरोसे है. फिलहाल गाँव में जब निकलते हैं तो सुदखोर दकादा करने लगते हैं.