राज्य के मुखिया योगी आदित्यनाथ जहां एक ओर ग्राम विकास में ग्राम प्रधानों की प्रबल भागीदारी सिद्ध करना चाहते हैं, वहीं ग्राम परधान भूमिगत भ्रष्टाचार को बल देने से बाज नहीं आ रहे हैं। खैर..’ग्राम मंथन’ स्तंभ के तहत ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क द्वारा विकासप्रेमी युवाओं की आवाज गर्भतल से उठाई जा रही है।. भदोही जनपद के ज्ञानपुर तहसील अंतर्गत हाईटेक गांव अकोढ़ा के ग्राम परधान विनोद जायसवाल उर्फ बबलू को यूं ही नहीं लापता घोषित करने की युवाओं ने कवायद शुरू की है बल्कि इसके पीछे कई पीड़ात्मक रहस्यमयी तथ्य है। बताया जाता है कि आश्वासन देकर भूमिगत होनें में इस ग्राम परधान को महारत हासिल है। लाखों-करोड़ो का विकास कार्य जहां इस गांव में हुआ, वहीं यह परधान अब अपने दिन गिन रहा है कि कैसे कार्यकाल खत्म हो जाय और भ्रष्टाचार की गंगोत्री में बही धनराशि के हिसाब-किताब की जवाबदेही से मुक्ति मिल जाय। शायद ग्राम परधान को यह नहीं पता है कि योगी-मोदी सरकार में पुराने कार्यकाल के भ्रष्टाचार का भी हिसाब-किताब हो रहा है और इसका प्रत्यक्ष प्रमाण तो भदोही जनपद में भी सामने आ चुका है। परधानजी का मोबाइल रिचार्ज कराओ… सत्ताशीन भाजपा पार्टी के अकोढ़ा बूथ अध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिपाठी से भी ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क ने ‘ग्राम मंथन’ धारावाहिक के तहत संपर्क किया, जिन्होंने कहा कि “ग्राम परधान का सार्वजनिक नंबर ९९३५३१८५८४ ही हमारे पास भी दर्ज है और हमें नंबर की जरूरत नहीं पड़ती है क्योंकि रोही चौराहे पर किराने दुकान पर कभी-कभार मिल जाते हैं या तो देर रात उनके घर पर उन्हें पकड़ा जा सकता है लेकिन काम कम और टाल-मटोल भूमिका उनकी ज्यादा है। गांव के परदेश बसे धार्मिक-सामाजिक युवा हमारे संपर्क में हैं और विभिन्न समस्याओं को निस्तारित करने का स्वयं नीजी स्तर पर प्रयास करता हूँ और यदि उनका सार्वजनिक नंबर बंद है तो नया नंबर युवाओं को उनसे लेकर सार्वजनिक किया जायेगा अथवा पुराना सार्वजनिक नंबर किस कंपनी का है यह पता चलते ही उक्त युवाओं से रिचार्ज करवाने की गुजारिश करूंगा ताकि जनसमस्या की गुंज उनके कानों तक पहुंच सके।
ग्राम मंथन – प्रस्तुति विपुल पांडेय


