भदोही कंठ (०२) – भ्रष्टाचार बोले तो ‘बिगड़ा हुआ आचरण’, पढ़िये अंतरराष्ट्रीय मुद्दा…
भ्रष्टाचार हमारे नैतिक जीवन मूल्यों पर सबसे बड़ा प्रहार है। भ्रष्टाचार से जुड़े लोग अपने स्वार्थ में अंधे होकर राष्ट्र का, राज्य का, जनपद के नाम को बदनाम कर रहे हैं। भ्रष्टाचार का संधि विच्छेद करते हिंदी कलमकार लिखते हैं कि ‘भ्रष्ट+आचार’ भ्रष्ट यानी ‘बुरा’ या ‘बिगड़ा’ हुआ तथा ‘आचार’ का ‘मतलब’ है ‘आचरण’। अर्थात…


