ब्राह्मण विद्वजनों की यहां सजी खुशमय गोष्ठी, प्रबंधक बोले धन्य हुई ‘सुदामा’ की ‘कुटिया’…
संस्कार-संस्कृति व शिष्टाचार के खुशमय प्रवाह की जिम्मेदारी भी ब्राह्मण समाज पर ही रही है, जिसके लिये सदियों से विभिन्न गोष्ठी चर्चा आयोजन की संस्कृति (प्रथा) रही है। ऐसी ही एक गोष्ठी ‘काशी-प्रयाग मध्य’ के ब्रिटिशकालिन संस्कृत विद्यालय के प्रबंधक के यहां भी संपन्न हुई, जहां खुशमय माहौल में श्रीकृष्ण-सुदामा सहित कई देवी-देवताओं के वंशज…


