कर्मभूमि – पूर्वजों को यू याद करता है ‘त्रिपाठी परिवार’, पढ़िये..मानवता दर्पण.!
मुंबई के पूर्वी उपनगर में ‘कर्मभूमि’ रचने-बसने वाले संजीव त्रिपाठी युवापन से ही कई उत्तर भारतीय नेताओं की संस्थाओं का तटस्थ विस्तार करते रहे लेकिन सैकड़ों वार्डों में सक्रिय संस्थाओं के आका भी राजनीति की गोदी में झूल गये। फिर जिसे मानवता के पथ पर चलना होता है वे हार नहीं मानते। ‘सशक्त समाज’ की…


