‘आरटीआई’ के ‘जवाब’ में ‘फिसड्डी’ भदोही’, जानिये शासनिक ‘भ्रष्टाचारी’ कैसे ‘छिपाते’ हैं ‘काली करतूत’.!
सरकार भले ही ‘भ्रष्टाचार निवारण’ को लेकर काफी सक्रिय है लेकिन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने वाला यंत्र ही खोखला साबित हो रहा है। जहां विभिन्न विधियां पहले से ही निर्मित हैं, वहीं आम आदमी को सहूलियत प्रदान करने के लिये सरकारें नई-नई व्यवस्था भी प्रदान कर रही हैं। फिर भी शासन-प्रशासन में बैठे अधिकारी ही…


