सशक्त परदेशी (०४) – बिन ‘सभा’ गये..मानवता ‘पथिक’ जीत, ‘भदोहीवासी’ इन्हें ‘कहते’ हैं ‘सभाजीत’
कोरोना की महामारी में कल्याणकारी कार्य के नाम पर भले ही आप की नजरें संस्था व समाजसेवी तक सीमित रह जाय लेकिन सशक्त परदेशियों की भूमिका नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ‘सशक्त परदेशी’ धारावाहिक की इस कड़ी में पढ़िये सभाजीत मिश्रा के बारे में, जिन्होनें सैकड़ो चूल्हों में संजीवनी नहीं फूंका बल्कि अलख ज्योति…


