पाप ‘प्रायश्चित’ कीजै, सत्यपथ से सत्ताधारी
दिल को खटके, जरा हटके… 💞💞💞💞💞 सत्ताधारी बन दंभ में, जिसने किया अन्याय सत्य मानिए फिर उसे, कुर्सी ना मिली भाय कुर्सी ना मिली भाय, जनता ने सदैव हराया आहह कैद मतपेटी, सिंहासन हाथ न आया कहे ‘बहुरूपीय’ मौन, सत्यार्थ करिए तैयारी पाप ‘प्रायश्चित’ कीजै, सत्यपथ से सत्ताधारी एस. टी. ‘बहुरूपीय’ (९३२४००६२६९) आपका…


