बिन बेटी सलाखों में १४ दिन तड़पती रही ऐ माँ, रिहाई बाद बोली ‘जेल में रहना गर्व की बात’…

५ दिनों तक मुझे घर के भी किसी सदस्य से नहीं मिलने दिया गया। अधिकारी कहते थे कि ऊपर से बहुत प्रेशर है। परिजन को गेट से ही वापस कर दिया गया। पति भी जेल में थे। मुझे पता चला कि पति या माता-पिता से शनिवार को 15 मिनट मुलाकात कर सकते हैं। शुक्रवार को…

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