श्रद्धा और विश्वास का महापर्व पितृपक्ष , जानिए…भूत-वर्तमान व भविष्य से, मोक्ष तक की महत्ता….

पूर्वजों को श्रद्धासुमन अर्पित करने का महापर्व है, पितृपक्ष. कहा गया है जो श्रद्धा से किया गया हो उसे श्राद्ध कहते हैं. देवऋण, ऋषिऋण और पितृऋण यह तीन ऋण हमारे शास्त्रों में हमें बतलाया गया है. प्रत्येक वर्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से अश्वनी कृष्ण अमावस्या तक पितृपक्ष, श्राद्ध होते हैं. श्राद्ध यानी श्रद्धा, ब्रह्मपुराण के…

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आइए जानतें हैं..कौन थे ‘जनमेजय’, क्यों उन्होंने ‘सांपों’ के ‘सम्पूर्ण विनाश’ की प्रतिज्ञा ली थी.?

महाभारत के युद्ध के बाद कुछ सालों तक पांडवों ने हस्तिनापुर पर राज किया। लेकिन जब वो राजपाट छोड़कर हिमालय जाने लगे तो राज का जिम्मा अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित को दे दिया। परीक्षित ने पांडवों की परंपरा को आगे बढ़ाया। यहां पर विधाता कोई और खेल, खेल रहा था। एक दिन मन उदास होने…

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पौराणिक अशुभ (टोटका) – कौए के स्पर्श या चोंच मारने पर, भयंकर दुष्परिणाम परिणाम.? जानिए बचाव…

कौआ का स्पर्श शुभ नहीं होता…चाहे वो कौआ झुण्ड में आ जाए या अकेले हो। कौए का चोंच मारना या शरीर पर बैठ जाना या बाल नोंचे तो सावधान रहें..! अपने आप को छूने न दें। आज हम कुछ बातें बता रहे है, जिससे आपको मालूम होगा की उसके स्पर्श या चोंच मारने से क्या…

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श्रावण में ५ सोमवार – करिए आज ‘भोले भंडारी’ का ‘दर्शन’, वैवाहिक जीवन में आएगी खुशहाली…

श्रावण महीनें में इस बार कुल 5 सोमवार आएंगे. पहला सोमवार 6 जुलाई, दूसरा 13 जुलाई, तीसरा 20 जुलाई, चौथा 27 जुलाई और पांचवा 3 अगस्त को है. श्रावण मास के सोमवार बहुत ही सौभाग्यशाली एवं पुण्य फलदायी माने जाते हैं। भगवान शिव की पूजा के लिए और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से सावन…

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झूठ-छल, धोखेबाजी – जानिये यह ८ कृत्य, शिव ‘बरपाते’ हैं ‘कृत्यबाजों’ पर ‘कहर’…

शिव को भोलेनाथ कहते हैं. क्योंकि शिव सादगी पसंद ईश्वर हैं. उन्हें कच्चा फल पसंद है. एक लोटा पानी से भी शिव खुश हो जाते हैं. खासतौर से अगर आप अपनी जिंदगी से निराश या हताश हैं तो आपको शिव की पूजा जरूर करनी चाहिए. पर भोलेनाथ जितनी जल्दी खुश होते हैं, उतनी ही जल्दी…

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