‘मातृभूमि मंथन'(०९)- यहां के लोग बहुत जिद्दी हैं, कहते..सुविधा शुल्क कतईं नहीं दूंगा.!
मुंबई बसे भदोहीवासियों से मिलने उनका एक प्रतिनिधि सदैव आता रहा है, जिनकी एकात्मकता मुहिम का सम्मान ४ वर्ष पूर्व ‘सशक्त समाज’ परिवार द्वारा भी बतौर अतिथि सदस्य किया गया था। फिलहाल वे ‘हमार पूर्वांचल’ के माध्यम से दूर-दराज कर्मभूमि बसे ‘पुर्वांचल वासियों’ को भी मिट्टी की महक के साथ मातृभूमि की ओर आकर्षित कर…


