मुंबई (सं.भा.)। शिफ्टिंग के नाम पर एक ही व्यक्ति को मनपा ने दो जगह लाभ पहुँचाते हुए उसे गिफ्टिंग की है। मनपा का यह गिपÌट पाने वाले व्यक्ति का नाम लालभाई अमृत लाल बरोट बताया गया है। इसे पी उत्तर विभाग और आर दक्षिण विभाग मनपा के अधिकारियों ने अपने – अपने क्षेत्र में दो जगहों का एलौट किया है। नियम के अनुसार एक व्यक्ति सरकारी शिफ्टिंग का सिर्फ एक का ही लाभ उठा सकता है।
गौरतलब है कि लालभाई अमृतलाल बरोट का कांदिवली शंकर गली और कांदिवली (प.) के ही जनता कॉलोनी में घर है। शंकर गली में सड़क चौड़ीकरण के दौरान उसके घर के बदले जनकल्याण नगर के पिछे बने भूमी पार्क के रॉयल नेस्ट बिल्डिंग के बी विंग में ६वीं मंजिल पर ६१२ नंबर फ्लैट मनपा ने एलॉट किया है। वही बरोट ने जनता कॉलोनी में लालचंद बाबा जैसवाल से घर लिया था। उस दौरान लालचंद ने अपने भाई फुलचंद के कागजात लगा कर आधा ही घर बरोट को बेचा था। जबकि फुलचंद अपना घरबार बेच कर गांव चला गया है। घर खरीदते समय बरोट को यह जानकारी थी कि जिस घर को वह खरीद रहा है उक्त घर पर मनपा ने एमआरटीपी का नोटिस दे रखा है। विडंबना यह है कि आज भी एमआटीपी खारिज नहीं हुई है इसके बावजूद मनपा आर दक्षिण विभाग ने पोयेसर नदी चौड़ीकरण के दौरान उक्त रुम को पात्र कर दिया गया। इस बात की जानकारी जब स्थानीय समाजसेवकों को लगी तब इसको लेकर मनपा आर दक्षिण में शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत के बाद मनपा ने बरोट को उसके घर की पात्रता को निरस्त करने का नोटिस जारी कर दिया है। मनपा और प्रशासन के हरकत में आने के बाद बरोट अब उक्त एमआरटीपी लगे घर को व्यवसायिक गाले के तौर पर तब्दिल कराने की जुगाड़ में लगा है। सरकारी अध्यादेश के अनुसार सड़क चौड़ीकरण अथव सरकारी कार्य के दौरान तोड़े गए घरों के बदले सिर्फ एक ही घर पाने का अधिकार मालिक रखता है। इसके लिए भी उसे सपथ पत्र देना होता है कि उसके नाम पर शिफ्टिंग का लाभ किसी और जगह नहीं लिया गया है। मनपा प्रशासन को गुमराह करने वाले बरोट के खिलाफ प्रशासन चीटिंग या अन्य नीयम के तहत क्या कार्यवाई करती है यह भविष्य तय करेगा। बरोट का कहना है कि शंकर गली का घर उसके बेटे के नाम पर है।


