राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा भदोही एवं अध्यक्ष पंडित अम्बरीष तिवारी के नेतृत्व मेें रविवार को गोपीगंज नगर स्थित बाबा बड़े शिव मंदिर प्रांगड़ में शाहपुर आरा बिहार के निवासी एवं समाजसेवी शहीद भरत भूषण तिवारी की आत्मशांति के लिये श्रद्धांजलि एवं शोक सभा का आयोजन किया गया, जिन्हें कथित फर्जी रूप से बिहार पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया।
भरत तिवारी के चित्र पर माल्यार्पण कर कैंडल जलाकर 2 मिनट के मौन सभा से कार्यक्रम की शुरुवात हुई श्रद्धांजलि सभा में अम्बरीष तिवारी ने बिहार सरकार एवं पुलिस प्रशासन के ऊपर जम कर हमला बोला एवं सरकार से प्रमुख पांच मांगों को पूर्ण करने का आव्हान किया, जोकि भरत तिवारी की दिली इच्छा थी और जिस लिए वह लड़ रहे थे इस भ्रष्ट सिस्टम और सरकार से…
1) बाढ़ पीड़ित जेवनियाँ गांव से विस्थापित परिवारों को अच्छी सुविधा के साथ बसाया जाए ताकि बारिश और बाढ़ में परिवारों को दिक्कत न हो। 2) भरत तिवारी को शहीद का दर्जा दिया जाए और परिवार पर दर्ज हुए मुकदमे को सरकार वापस ले। 3) दोषी एवं हत्यारे पुलिस वालों के ऊपर 302 का मुकदमा चलाया जाए और उन्हें आजीवन कारावास हो। 4) पीड़ित परिवार की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त की जाए ताकि परिवार को कोई खतरा न हो । 5) पीड़ित परिवार को 1 करोड़ की आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
इसी क्रम में अम्बरीष तिवारी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा फेलियर मुख्यमंत्री बताया एवं सर्व समाज से आवाहन किया कि भरत तिवारी को न्याय दिलाने में सर्व समाज एकत्र होकर सरकार के नाक में नकेल कसने का कार्य करे क्योंकि भरत तिवारी किसी एक समाज या व्यक्ति के लिए सरकार और इस भ्रष्ट सिस्टम व्यवस्था से नहीं लड़ रहा था, उसने सर्व समाज के लिए लड़ाई लड़ी और अपने प्राणों की चिंता लिए बगैर अपने प्राणों की आहुति देकर शहीद हो गए।
श्रद्धांजलि सभा में भरत तिवारी अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा भरत तिवारी का नाम रहेगा , एक लड़े थे गोरों से भरत लड़ा है काले भ्रष्ट चोरों से जैसे कई नारे गूंजते रहे थे कार्यक्रम में राजकुमार दीक्षित,महेश पंडित, जयप्रकाश शुक्ला, घनश्याम शुक्ला, अखिल तिवारी,मुकेश राय, प्रकाश शुक्ला, विकाश मिश्रा, गोलू पांडे, योगेश तिवारी, विष्णुकांत पाण्डेय, धनंजय, विजय, प्रमोद, रमेश, डब्लू, विकाश, सहित कई लोग उपस्थित रहे।



