उत्तर प्रदेश में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों की संपत्ति जांच के आदेश दिये है. फिर भी जिला स्तरीय शासनिक अधिकारी गाहे-बगाहे बड़ी मशक्कत के बाद किसी गाँव के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की जांच कर रहे हैं। फिलहाल भदोही जनपद में दो गांवों का मामला सुर्खियों में है, जहां एक गांव में प्रधान के ‘बेटे’ की, तो दूसरे गांव में ‘देवर’ की हूकूमत चलती थी। ऐसे में जांच के शिकंजे में फंसे सेकेट्ररियों व ग्राम प्रधान सहित बेरोजगार पारिवारिक सदस्यों के प्रापर्टी की जांच हेतु आवाज उठने लगी है।
गौरतलब है कि जनपद के भदोही विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2019 में सुरियावां के जमुनीपुर अठगवां ग्राम सभा में तैनाती के दौरान सेकेट्ररी संतोष सिंह पर प्रधान पुत्र के साथ मिलीभगत करके फर्जी हस्ताक्षर से ग्राम निधि से रुपये हड़पने का आरोप लगा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्राम प्रधान कलावती देवी के तहरीर पर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज था। पिछले दिनों सेक्रेटरी व प्रधान पुत्र उमाशंकर यादव की गिरफ्तारी करके पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां जमानत न मिलने पर दोनों को जेल भेज दिया गया था। उधर डीडीओ द्वारा सेकेट्ररी संतोष कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है। इसी तरह दूसरे भ्रष्टाचार मामले में न्यायालय द्वारा जांच के आदेश पर जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कुढ़वा ग्राम प्रधान संगम देवी का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया, जबकि ग्राम विकास अधिकारी संजय कुमार दूबे और संजय सरोज के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का निर्देश डीडीओ को दिया है। अंतिम जांच के लिए उप निदेशक कृषि, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी और सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग को नामित किया। डीएम ने अंतिम जांच की आख्या आने पर प्रधान और सचिव पर विधिक कार्रवाई की बात कहते हुये, विकास कार्य कराने के लिए समिति गठित करने का निर्देश दिया है।
फिलहाल जमुनीपुर अठगवां मामले में जहां ग्राम प्रधान की तहरीर पर ‘हूकूमतबाज’ बेटे व सचिव पर कसे कानूनी शिकंजे ने सलाखों तक पहुंचा दिया, वहीं कुढ़वा गांव में विकास कार्य के तहत हुये भ्रष्टाचार मामले में पिछले पूरे कार्यो की जांच करवाने की मांग तेज होती नजर आ रही है। यहां ग्राम प्रधान के ‘देवर’ यांनी विमलेश शुक्ला की ‘हूकूमत’ चलती रही है। भ्रष्टाचार जांच के शिकंजे में फंसे ग्राम प्रधान परिवार व सेक्रेटरी के द्वारा लाखों की प्रापर्टी डील की खबरें मिल रही हैं। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा जारी ग्राम प्रधानों के संपत्ति जांच की मुहिम भी ग्रामीण लोग शासनिक जांच में समाविष्ट करने की मांग कर रहे हैं। कुढ़वा ग्राम में इन दिनों प्रयागराज व ज्ञानपुर में जमीन-प्लाट की खरीद फरोख्त की चर्चा जोरों पर है। खैर…भ्रष्टाचार की गहराई और उससे हुई लाखों की कमाई सहित इन्वेस्टमेंट कहां हुआ है, यह तो जांच के बाद पता चलेगा लेकिन शासनिक जांच रिपोर्ट के आने के बाद कुछ प्रबुद्ध ग्रामीण विकास कार्य में हुये भ्रष्टाचार का दस्तावेज एकत्रित करके अभी से पुन: न्यायालय का रूख करने की तैयारी में हैं।

http://www.sashaktsamaajnews.com/2020/06/03/three-major-departments-founded-guilty-in-this-village/


