दिल को खटके, जरा हटके…

युवा स्तंभकार एस. टी. ‘बहुरूपीय’ का सुप्रसिद्ध ‘यथार्थ व्यंग्य’….

#वैधानिक_सुचना- यह स्तंभ अनपढ़ो व मायावी, भ्रष्टाचारियों के पढ़ने हेतु नहीं.!

कलमकार ‘लोकतंत्र के चौथे स्तंभ’ कोटे से जनप्रतिनिधि 🙏

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