मुंबई (सं.भा.)। फेरीवालों की समस्या को लेकर मीरा – भायंदर मनपा की आमसभा में शुक्रवार को भी गर्मागरम बहस हूई। सर्वदलीय सदस्यों ने प्रशासन पर फेरीवालों को न हटाने का आरोप लगाया। इसके उलट भाजपा के अशोक तिवारी नें मांग रखी कि पहले फेरीवालों का पहले सर्वे किया जाए। साल २०११ तक के फेरीवालों को लाइसेंस दिया जाए और उनका पुनर्वसन किया जाए। बाकी फेरीवालों को हटाया जाए। साल २०१७ में तिवारी तत्कालीन मनपा आयुक्त डॉ. नरेश गीते से सब्जी मार्केट बनाकर फेरीवालों को उसमें शिपÌट करने की मांग उठअ चुके हैं।
आमसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के अनिल सावंत ने फिर से पूछा कि जिन ठेकेदारों के बाजार शुल्क भुगतान के चेक बाउंस हुए थे, उनसे पैसे की वसूली हुई या नहीं? णेरी जानकरी में उन्हीं लोगों को फिर से बाजार शुल्क वसूली का ठेका दिया गया है। मनाप उपायुक्त दीपक पुजारी ने जवाब में कहा कि ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। फिलहाल मामला कोर्ट में चल रहा है। दोबारा ठेका देने की बात से पुजारी ने इंकार किया। सावंत ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ही अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए फेरीवालों की संख्या बढ़ा रहे हैं। इसके बाद पक्ष – विपक्ष के सदस्य अपने -अपने वार्ड में फेरीवालों की समस्या उठाए। आरोप लगाए कि वार्ड अधिकारियों का फेरीवालों को संरक्षण है, तभी फेरीवाले हट नहीं रहे हैं।


