यहां के भूमि पुत्र शिरोमणि हैं हनुमानजी, सजती है संगीतमय महफिल.!

महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में उत्तर भारतीय ब्राम्हणों की उपस्थिति है। अब ऐ ब्राम्हण भले ही पूर्वजों-बुजुर्गों की तरह संस्कृताचार्य नहीं लेकिन पुजापाठ एवम् धार्मिकता के अलखकार बतौर सभ्यता-संस्कार के संयोजक हैं। ऐसे में महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की जहां धूम है, वहीं संगीतमय सुंदरकांड पाठ को भी उत्तर भारतीय धर्म ध्वजवाहक संयोजकों ने गणेशोत्सव का…

Read More