खामोश थे समाज ‘कल्याणी’ ठेकेदार, तब इस युवा ने लड़ा था यह ‘संग्राम’, ‘सशक्त समाज’ की स्थापना पर विशेष…
हर कोई अपने साथी, भाई, रिश्तेदार या स्वयं पर हुए अन्याय के लिए लड़ रहा था. कुछ लोग इंसानियत की लड़ाई रहें थें. स्थानीय नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया था लेकिन ‘मेरू’ के दो प्रशासनिक कर्मचारियों से मिलने के बाद अचानक कल्याण जीआरपी को क्या हो गया पता नहीं, डीसीपी स्तर तक की बैठक…


